तेलंगाना में मुस्लिम बाउंसर्स और इवेंट से जुड़े अन्य कामगारों के बहिष्कार का आरोप सामने आया है। शिकायत के अनुसार, कुछ इवेंट आयोजक चरमपंथी संगठनों के दबाव में मुस्लिम कामगारों को काम देने से बच रहे हैं।
पेशेवर बाउंसर एमडी फिरोज, जिन्हें फजल के नाम से भी जाना जाता है, ने इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सांप्रदायिक सोच वाले लोग डांडिया कार्यक्रमों के दौरान मुस्लिम बाउंसर्स और लाइटिंग, डेकोरेशन, डीजे तथा साउंड-सिस्टम सेवाओं से जुड़े मुस्लिम कामगारों के बहिष्कार का अभियान चला रहे हैं।
फिरोज ने कहा कि इस तरह की सोच समाज में जहर फैलाती है और इसे रोकने के लिए पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना के लोगों को धर्म से ऊपर उठकर इस बुराई के खिलाफ एकजुट होना होगा।
उनके अनुसार, अगर इस तरह के बहिष्कार और सांप्रदायिक दबाव को नहीं रोका गया, तो राज्य की प्रगति और विकास भी प्रभावित हो सकते हैं।
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने X पर मामले के ऊपर टिप्पणी करते हुए लिखा की, “अगर पुलिस सख़्त कार्रवाई करे, तो इस ज़हर को रोका जा सकता है। इससे भी ज़रूरी बात यह है कि तेलंगाना के लोगों को धर्म से ऊपर उठकर इस बुराई के ख़िलाफ़ एकजुट होना होगा। वरना, राज्य की तरक्की और विकास भी इसकी भेंट चढ़ जाएगा।”























