ईरान और अमेरिका के बीच संभावित बातचीत को लेकर कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं, हालांकि तेहरान फिलहाल सीधे वार्ता के लिए तैयार नहीं दिख रहा।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान, तुर्किए और मिस्र मिलकर बैक-चैनल कूटनीति के जरिए ईरान को बातचीत के लिए राजी करने की कोशिश कर रहे हैं।
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि तेहरान अभी भी वाशिंगटन पर भरोसा नहीं कर पा रहा है, जिसके कारण औपचारिक बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी स्वीकार किया है कि उसे “मित्र देशों” के जरिए बातचीत के संदेश मिले हैं, लेकिन उसने पिछले 24 दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी प्रत्यक्ष वार्ता से इनकार किया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पएजेशकियाँ से फोन पर बातचीत की, जिसे तेहरान को वार्ता के लिए तैयार करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा, पाकिस्तान ने इस संभावित वार्ता के लिए इस्लामाबाद को एक बैठक स्थल के रूप में भी प्रस्तावित किया है। वहीं, पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से इस मुद्दे पर बातचीत की है।
इस बीच, ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है, जिससे कूटनीतिक प्रयासों के लिए समय मिल सके।







