स्टारलिंक पर मस्क के आरोपों को भारत ने खारिज किया
मंत्रालय ने कहा कि गैर-भूस्थिर उपग्रह कक्षा आधारित सैटेलाइट संचार सेवाओं के तहत तीन वैश्विक मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट सेवाओं को दूरसंचार लाइसेंस दिए गए हैं।
स्टारलिंक पर मस्क के आरोपों को भारत ने खारिज किया
FILE:स्पेसएक्स और टेस्ला के CEO, दक्षिण अफ़्रीकी-कनाडाई-अमेरिकी बिज़नेसमैन एलन मस्क

भारत ने गुरुवार को एलन मस्क के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश में “कुछ ओलिगार्क” स्टारलिंक की सैटेलाइट संचार सेवाओं को रोक रहे हैं ताकि अपना एकाधिकार बनाए रख सकें।

भारत के संचार मंत्रालय ने मस्क का नाम लिए बिना एक बयान में कहा कि सरकार ने सभी दूरसंचार सेवाओं, जिनमें सैटेलाइट संचार सेवाएं भी शामिल हैं, के लिए निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण अनुमति ढांचा तैयार किया है।

मंत्रालय ने कहा कि गैर-भूस्थिर उपग्रह कक्षा आधारित सैटेलाइट संचार सेवाओं के तहत तीन वैश्विक मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट सेवाओं को दूरसंचार लाइसेंस दिए गए हैं।

बयान के अनुसार, इस प्रक्रिया के हिस्से के रूप में तीनों लाइसेंसधारकों की सुरक्षा समीक्षा फिलहाल जारी है।

मंत्रालय ने कहा कि तीनों संस्थाएं व्यापक रूप से एक ही नियामकीय चरण में हैं।

बयान में कहा गया, “ऐसे में यह सुझाव कि ढांचा या उसका लागू होना अनुचित या भेदभावपूर्ण है, बेबुनियाद और गलत समझ पर आधारित है।”

स्टारलिंक, मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का हिस्सा है। कंपनी ने हाल के वर्षों में वैश्विक स्तर पर तेजी से विस्तार किया है और 150 से अधिक देशों व क्षेत्रों में काम कर रही है।

स्टारलिंक लो-अर्थ-ऑर्बिट उपग्रहों के नेटवर्क के जरिए दूरदराज या कम सेवा वाले इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है।

भारत की दो दूरसंचार कंपनियों, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो, ने पिछले साल स्पेसएक्स के साथ भारत में स्टारलिंक इंटरनेट सेवाएं लाने के लिए समझौते किए थे।

मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि “दुर्भाग्य से, हमें कुछ ओलिगार्क रोक रहे हैं ताकि वे भारतीय जनता पर अपना एकाधिकार बनाए रख सकें।”

उन्होंने आगे लिखा, “आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं... यह भारत के लोगों के खिलाफ अपराध है।”

भारत में 95.8 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं और इंटरनेट पहुंच दर 70 प्रतिशत से अधिक है।

पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वॉशिंगटन डीसी में मस्क से मुलाकात की थी। बैठक में अंतरिक्ष, मोबिलिटी, तकनीक और शासन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

स्रोत:َAA
खोजें
लड़ाकू विमानों की देरी से IAF की क्षमता पर असर, हर साल 36-40 जेट की जरूरत: एयर चीफ
रूस इस साल 70 हजार भारतीय मज़दूर लेने को तैयार: सरकार
रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में बड़ी भूमिका चाहता है भारत: जयशंकर
सीमा पर दो पाकिस्तानी नागरिकों की मौत, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारती राजदूत तलब किया
मक्का डिफेंस एग्रीमेंट में 6 से अधिक देशों की दिलचस्पी: इशाक डार
राहुल गांधी का आरोप ऑनलाइन फोरम-6 में ‘अवैध’ बदलाव किया गया
ब्रिटिश सिख ब्लॉगर जगतार सिंह जोहल को भारत में जमानत, 2017 से थे हिरासत में
भारत में बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ जारी, अमेरिका और फ्रांस सहित सात देश शामिल
पाकिस्तान-अफगानिस्तान में हवाई हमलों को लेकर दावे आमने-सामने
सोमाली बलों ने हाईजैक टैंकर छुड़ाया,  तीन पाकिस्तानी एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत
रूस जाकर सेना में भर्ती होने से बचें भारतीय: विदेश मंत्रालय
विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ ‘लोकतंत्र बचाओ’ प्रदर्शन का ऐलान किया
तुर्किए और पाकिस्तान के साथ मक्का डिफेंस अलायंस क्षेत्रीय स्थिरता के लिए: सऊदी क्राउन प्रिंस
मोदी और ट्रंप ने फोन पर व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की
कठुआ में CISF जवान ने चार साथियों की गोली मारकर हत्या की