भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण अंतिम रूप ले चुका है और अब उसका कानूनी मसौदा तैयार किया जा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।
नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर सहमति बन चुकी है और इसे अंतिम कानूनी स्वरूप दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण तय हो चुका है। अब इसकी अंतिम रूपरेखा और कानूनी मसौदे पर काम चल रहा है।”
गोयल ने उम्मीद जताई कि समझौते को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इस समझौते को तब लागू करना चाहेगा, जब उसे अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में समान या बेहतर व्यापारिक लाभ मिल सके।
फरवरी में अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर बनी थी सहमति
भारत और अमेरिका ने इस साल फरवरी में घोषणा की थी कि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार विवाद को सुलझाने के उद्देश्य से एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमत हो गए हैं।
यह पहल दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को कम करने और आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है।
पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाया था, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में तनाव बढ़ गया था।
इन शुल्कों का एक कारण रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखना भी था।
अमेरिकी प्रशासन ने रूसी तेल के आयात को लेकर भारत पर दबाव बनाया था, जबकि व्यापारिक मतभेद दूर करने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रही।
2025 में द्विपक्षीय व्यापार 149.4 अरब डॉलर रहा
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत और अमेरिका के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 149.4 अरब डॉलर रहा।
दोनों देश व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, निवेश और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं।
प्रस्तावित समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप दिए जाने से व्यापारिक संबंधों में आगे प्रगति की संभावना है।
























