भारत प्रशासित कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भाजपा के उस ज्ञापन को स्वीकार कर लिया है जिसमें श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, कटरा में एमबीबीएस प्रवेश सूची, जिसमें अधिकतम मुस्लिम योग्यताधारी हैं, को रद्द करने और सभी सीटें हिंदुओं के लिए आरक्षित करने की मांग की गई है। इस कदम पर सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
भाजपा द्वारा 42 मुस्लिम छात्रों के प्रवेश पर आपत्ति जताए जाने से पहले ही दक्षिणपंथी संगठन इस मुद्दे को उठा चुके थे। हिंदू संगठनों का दावा है कि कॉलेज में केवल हिंदुओं को ही प्रवेश दिया जाना चाहिए, जबकि यह कॉलेज राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा सूची के आधार पर राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद के प्रवेश नियमों का पालन करता है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा, "देश के लोगों को यह स्वीकार्य नहीं है कि एक विशेष समुदाय के छात्रों को कॉलेज में प्रवेश मिले। हमने अपनी भावनाओं और लोगों की पीड़ा से उपराज्यपाल को अवगत करा दिया है। भाजपा भी इस बात पर अड़ी है कि केवल उन्हीं छात्रों को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिया जाना चाहिए जिनकी माता वैष्णो देवी में आस्था है।"
भारत प्रशासित कश्मीर में तेरह मेडिकल कॉलेज हैं, और इस साल वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज ने अपनी पहली कक्षा का स्वागत किया। 50 लोगों के समूह में जम्मू के केवल आठ हिंदू छात्रों को ही प्रवेश मिला, जबकि प्रवेश नीट की मेरिट सूची के आधार पर तय होता था, जिसमें 85% सीटें स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित थीं।















