तेलंगाना के चार युवकों के रूस में कथित तौर पर सैन्य सेवा में धकेले जाने का मामला सामने आया है। परिवारों का कहना है कि ये युवक नागरिक नौकरियों की तलाश में रूस गए थे, लेकिन उन्हें रूसी सैन्य शिविर में ले जाकर हथियारों का प्रशिक्षण दिया गया। परिवारों के अनुसार, युवकों को रूस में गार्डन-क्लीनिंग की नौकरी और हर महीने करीब 2 लाख रुपये वेतन का वादा किया गया था। आरोप है कि चारों ने एजेंटों को 3-3 लाख रुपये दिए थे। रूस पहुंचने के बाद कथित तौर पर उन्हें 12 से 15 घंटे की यात्रा के बाद एक सैन्य कैंप में ले जाया गया। परिवारों का दावा है कि युवकों के फोन छीन लिए गए, उन्हें हथियारों की ट्रेनिंग दी गई और सैन्य वर्दी पहनने के लिए मजबूर किया गया। परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार से हस्तक्षेप कर युवकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।
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तेलंगाना के चार युवकों को नौकरी का झांसा देकर रूस में सैन्य सेवा में धकेले जाने का आरोप
परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार से हस्तक्षेप कर युवकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।

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