राम मंदिर दान गबन मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम यानी SIT की रिपोर्ट में CCTV फुटेज के आधार पर अनधिकृत रूप से नकदी निकालने के 105 मामलों की पहचान की गई है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट का संज्ञान लिया।
रिपोर्ट के अनुसार, SIT जांच में आरोपियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज पर व्यापक रूप से भरोसा किया गया। इसके बाद बरामदगी, फॉरेंसिक जांच और ऑडिट की प्रक्रिया अपनाई गई।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जांच “काफी हद तक पूरी” हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि मामले में आरोपपत्र 25 सितंबर 2026 या उससे पहले क्षेत्राधिकार वाले अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में दाखिल कर दिया जाएगा।
यह मामला राम मंदिर में आए दान की राशि में कथित गड़बड़ी और नकदी के अनधिकृत हटाए जाने से जुड़ा है।
SIT रिपोर्ट में दर्ज 105 घटनाओं को मामले की जांच में अहम माना जा रहा है, क्योंकि ये कथित तौर पर CCTV फुटेज में कैद हुई थीं।

















