भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस सबा अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबा के साथ बातचीत के बाद कहा कि होरमुज़ जल्दरूमध्य में नौवहन सुरक्षा करना सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत है।
मोदी ने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ हमलों की निंदा दोहराते हुए कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
दोनों नेताओं के बीच फोन पर हुई चर्चा में पश्चिम एशिया की तेजी से बदलती स्थिति पर चिंता जताई गई। बातचीत के बाद मोदी ने X पर कहा कि दोनों पक्षों ने हालिया घटनाक्रम पर अपने विचार साझा किए और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया।
इससे एक दिन पहले मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बातचीत की थी, जिसमें होरमुज़ के जरिए सुरक्षित आवाजाही के महत्व पर समान रुख सामने आया था।
मध्य पूर्व में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इस संघर्ष में अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
जवाबी कार्रवाई में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए इज़राइल, जॉर्डन, इराक और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक प्रमुख समुद्री मार्ग है, जहां से पहले प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ तेल की खपत होती थी।










