मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर अब भारत के औद्योगिक क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है। कांच उद्योग के लिए प्रसिद्ध फ़िरोज़ाबाद में भट्टियों का कामकाज धीमा पड़ गया है, जिससे हजारों दिहाड़ी मजदूरों के लिए रोजगार संकट पैदा हो गया है। आमतौर पर यह उद्योग का सबसे व्यस्त समय होता है।
कांच उद्योग की उत्पादन प्रक्रिया ऊर्जा पर अत्यधिक निर्भर है। गैस से चलने वाली भट्टियों को कांच को पिघला हुआ बनाए रखने और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लगातार 1,000 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर चलाना पड़ता है। लेकिन गैस आपूर्ति में कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
