पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने सीमा पार हवाई हमलों में हुई मौतों को लेकर एक-दूसरे से अलग दावे किए हैं। दोनों देशों के बीच हालिया तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है।
पाकिस्तान ने दावा किया है कि अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों में 22 “आतंकवादी” मारे गए।
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि “विश्वसनीय खुफिया जानकारी” के आधार पर अफगानिस्तान में दो स्थानों पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
बयान में कहा गया कि ये ठिकाने “फितना अल ख्वारिज,” “फितना अल हिंदुस्तान।”” और उनके सहयोगियों से जुड़े थे। पाकिस्तान इन शब्दों का इस्तेमाल उन आतंकवादियों के लिए करता है, जिन्हें वह कथित तौर पर भारत और अफगानिस्तान समर्थित बताता है।
भारत और अफगानिस्तान दोनों ऐसे आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
पाकिस्तानी बयान के अनुसार, इन ठिकानों पर रखे गए बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट कर दिए गए। यह दो सप्ताह में तीसरा ऐसा हमला बताया गया है।
पाकिस्तान ने कहा कि उसकी कार्रवाई ने “आतंकी ठिकाने” को सटीक रूप से निशाना बनाया और नुकसान से बचने के लिए अधिकतम सावधानी बरती गई।
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के दावे को खारिज करते हुए कहा कि हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित नौ नागरिक मारे गए।
अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने X पर लिखा कि हमलों में 11 लोग घायल भी हुए।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी विमानों ने कुनार प्रांत के शुल्तान जिले के चुगाम और हेलमंद प्रांत के गरमसेर जिले के सफर इलाके में नागरिक घरों पर बमबारी की।
मुजाहिद के अनुसार, हमलों में नौ अफगान नागरिक मारे गए, 11 घायल हुए और तीन घर नष्ट हो गए।
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान यानी UNAMA ने भी नागरिक मौतों की पुष्टि की है।
UNAMA ने X पर जारी बयान में कहा कि गुरुवार को अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांतों में हुए हवाई हमलों में कम से कम 10 नागरिक मारे गए, जिनमें अधिकतर बच्चे थे, और नौ लोग घायल हुए।
UNAMA ने कहा कि सीमा पार शत्रुता से नागरिक प्रभावित हो रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र मिशन ने तनाव कम करने, संवाद, अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान और आगे नागरिक नुकसान रोकने की अपील की।





















