तुर्की
3 मिनट पढ़ने के लिए
तुर्किए, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच संयुक्त रक्षा समझौते को तुर्किए की संसदीय समिति की मंजूरी
समिति की बैठक में समझौते के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा की गई। इस दौरान तुर्किए के उप विदेश मंत्री लेवेंट गुमरुक्चु ने सांसदों के सवालों के जवाब दिए और समझौते के उद्देश्यों की जानकारी दी।
तुर्किए, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच संयुक्त रक्षा समझौते को तुर्किए की संसदीय समिति की मंजूरी
तुर्की की संसदीय विदेश मामलों की समिति ने अंकारा में पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ मक्का समझौते पर चर्चा करने के लिए बैठक की।

तुर्किए की संसद की विदेश मामलों की समिति ने मंगलवार को तुर्किये, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के अनुमोदन संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी। इस समझौते का उद्देश्य तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाना और सामूहिक सुरक्षा के आधार पर क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करना है।

समिति की बैठक में समझौते के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा की गई। इस दौरान तुर्किए के उप विदेश मंत्री लेवेंट गुमरुक्चु ने सांसदों के सवालों के जवाब दिए और समझौते के उद्देश्यों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तीनों देशों के बीच सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उप विदेश मंत्री गुमरुक्चु ने बताया कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर 7 अगस्त को सऊदी अरब के मक्का शहर में हस्ताक्षर किए गए थे।

समझौते पर तुर्किए के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए थे।

गुमरुक्चु के अनुसार, सऊदी अरब और पाकिस्तान अपने-अपने देशों में समझौते के अनुमोदन की आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर चुके हैं और संबंधित आधिकारिक अधिसूचनाएं भी जमा कर चुके हैं।

तुर्किए में अब संसद की विदेश मामलों की समिति ने समझौते को मंजूरी दी है। हालांकि, यह समिति की मंजूरी है और इसे संसद की पूरी अनुमोदन प्रक्रिया संपन्न होने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।

समिति में बोलते हुए गुमरुक्चु ने कहा कि मक्का समझौता केवल तुर्किए, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच विशेष मैत्रीपूर्ण संबंधों का विस्तार नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ती सामूहिक जिम्मेदारी का ठोस उदाहरण भी है।

उन्होंने कहा, “मक्का समझौता तीनों देशों के बीच विशेष मित्रतापूर्ण संबंधों का विस्तार होने के साथ-साथ उस क्षेत्रीय स्वामित्व की आवश्यकता का ठोस परिणाम भी है, जिसकी हमारे क्षेत्र में लगातार अधिक जरूरत महसूस की जा रही है।”

उनके अनुसार, यह समझौता सहयोग और सामूहिक रक्षा पर आधारित क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे की स्थापना की दिशा में शुरुआती कदम है।

गुमरुक्चु ने कहा कि तीनों देश क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए बाहरी शक्तियों की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं जिम्मेदारी उठाना चाहते हैं।

तुर्किए के उप विदेश मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित सुरक्षा ढांचे का उद्देश्य केवल तीनों हस्ताक्षरकर्ता देशों की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना नहीं है।

उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था आपसी विश्वास, संवाद और सहयोग को बढ़ावा देकर व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा में भी योगदान दे सकती है।

गुमरुक्चु के अनुसार, समझौते के जरिए तुर्किए , सऊदी अरब और पाकिस्तान स्थायी स्थिरता स्थापित करने तथा क्षेत्रीय चुनौतियों पर संयुक्त रूप से काम करने का प्रयास करेंगे।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सामूहिक रक्षा के तहत किसी एक देश पर हमले की स्थिति में अन्य देशों की सैन्य जिम्मेदारियां क्या होंगी।

गुमरुक्चु ने स्पष्ट किया कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौता पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति का है और इसका उद्देश्य किसी विशेष देश को निशाना बनाना नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था क्षेत्र के उन सभी देशों के लिए खुली है जो अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का सम्मान करते हैं।

इन सिद्धांतों में देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, आत्मरक्षा के अतिरिक्त बल प्रयोग पर प्रतिबंध, विवादों का शांतिपूर्ण समाधान और अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना शामिल हैं।

स्रोत:َAA
खोजें
पाकिस्तान और मालदीव के बीच 20 समझौतों पर हस्ताक्षर
एपस्टीन के साथ हरदीप पुरी की तस्वीर सामने आने पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
ग्रीस के शिपयार्ड पहुंचे भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह
दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ बढ़ा वायु प्रदूषण
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों और कर्फ्यू के बीच भारत ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
तुर्किए, क़तर, इंडोनेशिया और पाकिस्तान ने 'बद्र' रक्षा सहयोग समझौता पर हस्ताक्षर किए।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ट्रंप बोले पहले हुए समझौतों से बिल्कुल अलग होगा नया करार
PM मोदी ने देश के तीन 'दुश्मन' गिनाए, राष्ट्रीय हित में राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील करी
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से क्षेत्रीय देशों को होगा फायदा: SCO बैठक में इशाक डार
मुंबई में भारत, UAE और अमेरिका के विदेश मंत्रियों की बैठक
अमेरिकी चुनाव में भारत से चलाया गया कथित सोशल मीडिया प्रचार अभियान
तुर्किए, क़तर, पाकिस्तान और इंडोनेशिया के बीच रक्षा उद्योग समझौते पर हस्ताक्षर करने की तैयारी
पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध 24 नवंबर तक बढ़ाया
बांग्लादेश के रूपपुर संयंत्र में पहली बार शुरू हुई नियंत्रित परमाणु प्रतिक्रिया
'असंवैधानिक SIR तुरंत रोका जाए, मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए सभी नाम बहाल हों': कांग्रेस