दिलजीत दोसांझ की लंबे समय से अटकी फिल्म ‘सतलुज’ को ओटीटी रिलीज के केवल दो दिन बाद ZEE5 से हटा दिया गया है। फिल्म भारत में स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध नहीं है, जिसके बाद सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है। यह फिल्म पहले ‘पंजाब 95’ के नाम से जानी जा रही थी। फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी पर आधारित है, जिनकी भूमिका दिलजीत दोसांझ ने निभाई है।
जसवंत सिंह खालड़ा ने 1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद के दौर के दौरान कथित राज्य-समर्थित न्यायेतर हत्याओं और अज्ञात लोगों के गुप्त सामूहिक अंतिम संस्कारों की जांच की थी। ‘सतलुज’ कई वर्षों की देरी के बाद दर्शकों तक पहुंची थी। देरी की वजह केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC से जुड़े प्रमाणन विवाद बताए गए थे। पहले रिपोर्टों में दावा किया गया था कि बोर्ड ने फिल्म को मंजूरी देने से पहले 120 से अधिक कट लगाने की मांग की थी।
ZEE5 ने अपने बयान में कहा, “रिलीज के बाद से ‘सतलुज’ को मिली प्रतिक्रिया वास्तव में जबरदस्त रही है। हम हर उस दर्शक के आभारी हैं, जिन्होंने सदस्यता लेकर फिल्म देखी और उसका समर्थन किया। आपका प्यार और समर्थन हमारे लिए और इस कहानी को जीवंत करने वाले सभी लोगों के लिए बहुत मायने रखता है।”






















