दिल्ली में CJP के आह्वान पर संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए प्रदर्शनकारियों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन और शॉक बैटन का इस्तेमाल किया गया, हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
द हिन्दू के एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार, 20 जुलाई को हुए मार्च के दौरान घायल हुए करीब 80 प्रदर्शनकारियों में से कम से कम एक व्यक्ति को पैलेट गन से चोट आई है। यह जानकारी लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के एक स्रोत के हवाले से सामने आई, जहां घायल प्रदर्शनकारी का इलाज चल रहा है।
घायल प्रदर्शनकारी की पहचान 25 वर्षीय शेख इरशाद मंसूरी के रूप में हुई है। उनके एक दोस्त ने बताया कि मंसूरी को कनॉट प्लेस के पालिका बाजार के पास RAF की वर्दी पहने एक जवान ने कथित तौर पर निशाना बनाया।
द हिन्दू के मुताबिक, यह दिल्ली में सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन इस्तेमाल का पहला ज्ञात मामला बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार करते हुए कहा है कि लोगों को “तथ्यों की पुष्टि” करनी चाहिए।
CJP के नेतृत्व में हुए इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारी परीक्षा पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग कर रहे थे।
20 जुलाई को संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई जगहों पर झड़पें हुई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।


















