प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत को सेमीकंडक्टर उत्पादन का नया वैश्विक केंद्र बताते हुए प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों से देश में निवेश करने की अपील की। उन्होंने भारत को सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए “विश्वसनीय” स्थान बताया।
नई दिल्ली में आयोजित सेमीकंडक्टर सम्मेलन में वैश्विक टेक कंपनियों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “भारतीय संयंत्रों से बने चिप्स भारत और दुनिया भर के ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं।”
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मोदी ने सम्मेलन से पहले बुधवार को भारतीय और वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी।
बैठक में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, सीजी पावर, एडवांटेस्ट, एप्लाइड मटेरियल्स, एएसएमएल, फॉक्सकॉन, इंटेल और माइक्रोन जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे।
दुनिया के कई देश सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को सुरक्षित करने और वैश्विक चिप उत्पादन में कमजोरियों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
मोदी ने कहा, “सेमीकंडक्टर उद्योग के सामने कई चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों के बीच उद्योग को नए और भरोसेमंद स्थानों की जरूरत है। मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि भारत इसके लिए खुद को तैयार कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि जब सप्लाई चेन को “हथियार” बनाया जा रहा है, तब भारत जैसे विश्वसनीय स्थानों का महत्व और बढ़ जाता है।
भारत ने 2021 में घरेलू चिप निर्माण को बढ़ावा देने की पहल शुरू की थी। इसके बाद सरकार ने फैब्रिकेशन, डिजाइन और पैकेजिंग से जुड़ी कई इकाइयों को समर्थन दिया है।
हालांकि आलोचकों का कहना है कि भारत ने इस क्षेत्र में बहुत देर से शुरुआत की है और वह अब भी ताइवान, नीदरलैंड, जापान और चीन जैसे चिप उद्योग के अग्रणी देशों से काफी पीछे है।
मोदी ने सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के लिए 1 लाख इंजीनियरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में 1 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करने की योजना दोहराई। उन्होंने उद्योग अधिकारियों से कहा, “इतना बड़ा टैलेंट पूल आप सभी के लिए सोने की खान है।”
भारत ने जुलाई में नया सेमीकंडक्टर कार्यक्रम मंजूर किया था, जिसके तहत घरेलू चिप उत्पादन और व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार के लिए 13 अरब डॉलर से अधिक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
“सेमिकॉन 2.0” पहल 2021 में शुरू हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाती है, जिसका उद्देश्य आयातित चिप्स पर भारत की निर्भरता कम करना और इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना है।
गुरुवार को मोदी ने दो इकाइयों में वाणिज्यिक उत्पादन का दूरस्थ रूप से उद्घाटन किया। इसके साथ भारत में वाणिज्यिक उत्पादन कर रहे सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स की संख्या पांच हो गई।





















