भारत ने मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अपने शिपिंग सेक्टर को सुरक्षा देने के लिए 1.5 अरब डॉलर की गारंटी वाला समुद्री बीमा पूल लॉन्च किया है।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, ‘भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल’ युद्ध, प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक तनावों के जोखिम के बीच समुद्री बीमा कवरेज को जारी रखने में मदद करेगा।
भारत कच्चे तेल, LNG और माल व्यापार के लिए समुद्री मार्गों पर काफी निर्भर है। इन मार्गों का बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री रास्तों से होकर गुजरता है।
मध्य पूर्व में अमेरिका और इज़राइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध के जवाब में ईरान ने इस अहम ईंधन परिवहन मार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा और समुद्री व्यापार पर दबाव बढ़ गया है।
सरकार के अनुसार, यह बीमा पूल मौजूदा मध्य पूर्व तनाव के संदर्भ में भारत से रवाना होने वाले या भारत आने वाले भारतीय ध्वज वाले या भारतीय नियंत्रण वाले जहाजों के लिए युद्ध जोखिम कवर उपलब्ध कराएगा।
नई व्यवस्था के तहत सदस्य बीमा कंपनियां पूल की संयुक्त अंडरराइटिंग क्षमता का इस्तेमाल करते हुए पॉलिसियां जारी करेंगी। 10 करोड़ डॉलर तक के दावों का भुगतान पूल के अपने संसाधनों से किया जाएगा। इससे बड़े दावों के लिए, पूल की राशि और रीइंश्योरेंस खत्म होने के बाद सरकारी गारंटी बैकस्टॉप के रूप में काम करेगी।


















