मध्य पूर्व संकट पर ट्रंप–मोदी की बातचीत, होरमुज़ जलडमरूमध्य खुला रखने पर जोर
मार्च की शुरुआत से ही होरमुज़ जलडमरूमध्य में आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। सामान्य तौर पर रोज़ाना लगभग 2 करोड़ बैरल तेल इसी मार्ग से गुजरता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फोन पर बातचीत कर मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति और होरमुज़ जलडमरूमध्य पर चर्चा की।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्र की “चल रही स्थिति” और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम होरमुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखने के महत्व पर विचार-विमर्श किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि यह “उपयोगी विचार-विमर्श” रहा। उन्होंने कहा,
“भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि होरमुज़ जलडमरूमध्य पूरी दुनिया के लिए खुला, सुरक्षित और सुलभ बना रहे। शांति और स्थिरता के प्रयासों को लेकर हम संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए हैं।”
मार्च की शुरुआत से ही होरमुज़ जलडमरूमध्य में आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। सामान्य तौर पर रोज़ाना लगभग 2 करोड़ बैरल तेल इसी मार्ग से गुजरता है।
इस बाधा के कारण वैश्विक शिपिंग लागत बढ़ी है और तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है।
सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा ढांचे पर हमलों को पांच दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है। उन्होंने इसे तेहरान के साथ “बेहद सकारात्मक और उत्पादक” बातचीत का नतीजा बताया।
हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि कई हफ्तों से किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं हुई है।