पाकिस्तान का कहना है कि चीन की मध्यस्थता में पाकिस्तान-अफगानिस्तान वार्ता जारी है
पाकिस्तान का कहना है कि वह उन चरमपंथी समूहों को निशाना बना रहा है, जो सीमा पार हमलों में शामिल हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच महीनों से जारी सीमा पार हमलों के कारण बढ़े तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधि चीन में बातचीत कर रहे हैं।
यह बैठक चीन के उत्तर-पश्चिमी शहर उरुमची में हो रही है, जो पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की बीजिंग यात्रा के एक दिन बाद आयोजित की गई। इस दौरान डार ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की।
दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा के साथ-साथ पाकिस्तान की उस कूटनीतिक भूमिका पर भी बातचीत हुई, जिसके तहत वह अमेरिका और ईरान को वार्ता की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही संघर्ष समाप्त करने के लिए एक संयुक्त पांच सूत्रीय योजना भी पेश की गई।
बुधवार को इस्लामाबाद लौटने पर डार को चीन का समर्थन मिला। इससे पहले, पिछले सप्ताहांत पाकिस्तान की राजधानी में सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्रियों की बैठक भी हुई थी, जो क्षेत्रीय कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है।
चीन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की है। उसने एक विशेष दूत नियुक्त किया है और तनाव कम करने में “रचनात्मक भूमिका” निभाने की प्रतिबद्धता जताई है।
पाकिस्तान का कहना है कि वह उन चरमपंथी समूहों को निशाना बना रहा है, जो सीमा पार हमलों में शामिल हैं। वहीं, काबुल प्रशासन इन आरोपों से इनकार करता है और किसी भी उग्रवादी को शरण देने से इंकार करता रहा है।
हालांकि, इस वार्ता पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय, सेना या अफगान सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।