हॉर्मुज़ में तनाव के बीच भारत के दो LPG जहाज़ सुरक्षित पार, 94,000 टन कार्गो लेकर रवाना
भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आयात करता है, जिसकी कुल कीमत 2024 में करीब 180 अरब डॉलर रही।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यवधानों के बावजूद भारत के दो तरलीकृत पेट्रोलियम गैस वाहक जहाज़ सुरक्षित रूप से भारत की ओर रवाना हो गए हैं। भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय के अनुसार, दोनों जहाज़ लगभग 94,000 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे हैं। इनमें से एक जहाज़ मुंबई के लिए रवाना है और उसके मंगलवार तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं दूसरा जहाज़ BW न्यू मैंगलोर की ओर जा रहा है, जिसके बुधवार तक पहुंचने का अनुमान है।
सरकार ने बताया कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज़ के साथ कोई घटना सामने नहीं आई है। फिलहाल पश्चिमी फारस की खाड़ी में 18 भारतीय ध्वज वाले जहाज़ और 485 भारतीय नाविक मौजूद हैं।
भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आयात करता है, जिसकी कुल कीमत 2024 में करीब 180 अरब डॉलर रही।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है। 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इज़राइल के हवाई हमलों में ईरान में 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
इसके जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जिनका असर इज़राइल के साथ-साथ जॉर्डन, इराक और खाड़ी देशों तक देखा गया है।
मार्च की शुरुआत से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में प्रभावी रूप से व्यवधान बना हुआ है। इस मार्ग से रोज़ाना करीब 2 करोड़ बैरल तेल का परिवहन होता है। मौजूदा हालात के कारण शिपिंग लागत बढ़ी है और वैश्विक तेल कीमतों पर भी दबाव देखा जा रहा है।