इजराइल में भारतीय घरेलू कामगार और केयरगिवर राजीव आचार्य की हत्या के बाद वहां रह रहे भारतीय कामगारों ने न्याय, जवाबदेही और सुरक्षा की मांग उठाई है। आचार्य की कथित रूप से एक इजराइली नागरिक ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी।
इजराइली अधिकारियों ने अवियोर जाकेन के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। जाकेन उस बुजुर्ग दंपति का पोता बताया जा रहा है, जिनके यहां आचार्य काम करते थे। आरोप है कि 23 जुलाई को उसने आचार्य पर धारदार हथियार से कई बार हमला किया।
भारतीय कामगारों ने अपील में मांग की है कि इजराइल सरकार मामले की पूरी तरह पैरवी करे, आचार्य के परिवार को मुआवजा दिया जाए और भारतीय विदेशी कामगारों को हिंसा और दुर्व्यवहार से सुरक्षा मिले।
भारतीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जाकेन पर इजराइली दंड संहिता के तहत पूर्वनियोजित हत्या का आरोप लगाया गया है।
आचार्य की हत्या के करीब एक महीने बाद तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने X पर कहा कि वह इजराइली अधिकारियों के संपर्क में है। दूतावास के अनुसार, इजराइली अधिकारियों ने बताया है कि एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है और घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच जारी है।
रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय समुदाय की अपील ने खास तौर पर घरेलू कामगारों की असुरक्षा की ओर ध्यान दिलाया है, क्योंकि वे उन्हीं घरों में रहते और काम करते हैं जहां उन्हें नियुक्त किया जाता है।
मई 2023 में भारत सरकार ने इजराइल में 42,000 से अधिक भारतीय कामगार भेजने के लिए समझौता किया था। इनमें 34,000 कामगार निर्माण क्षेत्र और 8,000 बुजुर्गों की देखभाल के क्षेत्र में काम करने वाले थे।
मिडल पूर्वी आई के रिपोर्ट के अनुसार गाजा युद्ध के बाद इजराइल में भारतीय कामगारों की संख्या बढ़ी है। नवंबर 2023 में इजराइल द्वारा फिलिस्तीनी कामगारों के वर्क परमिट बड़े पैमाने पर रद्द किए जाने के बाद श्रमिकों की भारी कमी पैदा हुई। इसके बाद इजराइली बिल्डर्स एसोसिएशन ने सरकार से भारत से 50,000 से 90,000 तक श्रमिक मांगने की अपील की थी।




















