भारत ने COP33 जलवायु शिखर सम्मेलन की मेजबानी की दावेदारी वापस ली

भारत इससे पहले वर्ष 2002 में नई दिल्ली में COP8 सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है। किसी भी देश को COP की मेजबानी के लिए एशियाई क्षेत्रीय समूह के अन्य देशों की सहमति आवश्यक होती है।

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FILE PHOTO: बाकू में COP29 जलवायु शिखर सम्मेलन / Reuters

भारत ने वर्ष 2028 में होने वाले COP33 जलवायु शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी वापस ले ली है। इस बात की पुष्टि बुधवार को सूत्रों ने की।

सरकारी सूत्रों और वार्ता से जुड़े एक अन्य सूत्र ने बताया कि भारत ने चुपचाप इस दौड़ से बाहर होने का फैसला किया है। इससे पहले वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को इस सम्मेलन की मेजबानी के लिए प्रस्तावित किया था।

हालांकि, इस फैसले के पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है और न ही भारत सरकार ने इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा की है।

भारत इससे पहले वर्ष 2002 में नई दिल्ली में COP8 सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है। किसी भी देश को COP की मेजबानी के लिए एशियाई क्षेत्रीय समूह के अन्य देशों की सहमति आवश्यक होती है।

संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में आयोजित ये वार्षिक जलवायु सम्मेलन क्षेत्रीय समूहों के बीच बारी-बारी से आयोजित किए जाते हैं, जहां मेजबान देश पर आम सहमति बनानी होती है।

इस वर्ष COP31 का आयोजन तुर्की में होना प्रस्तावित है, जबकि 2027 में COP32 की मेजबानी इथियोपिया करेगा।