मध्य पूर्व में जंग का वेशविक प्रभाव: सऊदी अरब एशिया को कच्चे तेल की आपूर्ति घटाएगा
ऊर्जा आपूर्ति में अनिश्चितता के बीच वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेज वृद्धि देखी गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जो संघर्ष से पहले लगभग 72 डॉलर थी।
मध्य पूर्व में अमेरिका-इज़राइल की ईरान पर जारी युद्ध के बीच सऊदी अरब ने अगले महीने एशिया के प्रमुख देशों को कच्चे तेल की आपूर्ति घटाने की तैयारी की है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कटौती वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है।
सऊदी की सरकारी तेल कंपनी आरेमको अप्रैल में चीन को लगभग 4 करोड़ बैरल कच्चा तेल भेज सकती है, जो फरवरी के करीब 4.8 करोड़ बैरल से कम है।
भारत के लिए भी निर्यात में गिरावट की संभावना जताई गई है, जहां अप्रैल में लगभग 2.3 करोड़ बैरल आपूर्ति होने का अनुमान है, जो हाल के महीनों से कम है।
स्थिति से निपटने के लिए सऊदी अरब अपने कुछ तेल निर्यात को यनबू (लाल सागर पोर्ट) के जरिए भेज रहा है। हालांकि इसकी क्षमता सीमित है और यह पूरी कमी को पूरा नहीं कर पा रही।
ऊर्जा आपूर्ति में अनिश्चितता के बीच वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेज वृद्धि देखी गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जो संघर्ष से पहले लगभग 72 डॉलर थी।
आपूर्ति में यह कमी भारत और चीन जैसे बड़े आयातकों के लिए चुनौती बढ़ा सकती है, जिससे महंगाई और ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बढ़ने की आशंका है।