रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO और भारतीय वायुसेना ने रुद्रम-II हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह परीक्षण हवाई प्लेटफॉर्म से किया गया।
मंत्रालय ने कहा कि परीक्षण “अत्यधिक कठिन रिलीज़ परिस्थितियों” में किए गए और मिसाइल की महत्वपूर्ण उड़ान प्रक्षेपवक्र के दौरान सभी उप-प्रणालियों की क्षमता स्थापित हुई।
रिपोर्टों के अनुसार, रुद्रम-II को सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमान से दागा गया और मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य को सटीकता के साथ भेदा। परीक्षण के दौरान विभिन्न रेंज उपकरणों से मिले उड़ान आंकड़ों ने सभी उद्देश्यों के पूरा होने की पुष्टि की।
रुद्रम-II स्वदेशी रूप से विकसित मिसाइल प्रणाली है, जिसे दुश्मन की सतह आधारित सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसे भारतीय वायुसेना की प्रहार क्षमता और लंबी दूरी से सटीक हमले की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायुसेना और उद्योग साझेदारों को बधाई दी। डीआरडीओ प्रमुख ने भी परीक्षण से जुड़े वैज्ञानिकों और टीमों की सराहना की।























