पाकिस्तान और मिस्र ने रविवार को सऊदी अरब पर यमन के हूती समूह द्वारा किए गए हमलों की एक बार फिर कड़ी निंदा की। दोनों देशों ने सऊदी अरब की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपना पूर्ण समर्थन दोहराया।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह प्रतिबद्धता पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और उनके मिस्री समकक्ष बद्र अब्देलअती के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान दोहराई गई।
बयान के अनुसार, दोनों विदेश मंत्रियों ने पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
दोनों नेताओं ने सऊदी अरब के खिलाफ हूती समूह के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वे सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में एकजुट हैं।
बातचीत के दौरान पाकिस्तान और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने आर-4 ढांचे के तहत सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा की।
इस समूह में पाकिस्तान, मिस्र, तुर्किए और सऊदी अरब शामिल हैं।
दोनों नेताओं ने आर-4 की अगली बैठक को लेकर उम्मीद जताई और कहा कि इससे चारों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, आर-4 के तहत सहयोग बढ़ाने का उद्देश्य आपसी संबंधों को आगे बढ़ाना और क्षेत्रीय चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करना है।
ईरान के विदेश मंत्री से भी इशाक डार की बातचीत
एक अलग घटनाक्रम में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से भी टेलीफोन पर बातचीत की।
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति और इराक की राजधानी बगदाद में जारी इस्लामिक सहयोग संगठन यानी ओआईसी के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक पर चर्चा की।
डार ने क्षेत्रीय चुनौतियों के समाधान के लिए लगातार बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया।























