भारत ने रविवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र की पहल से प्रस्तावित विश्व मानचित्र में कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों को भारत के आधिकारिक नक्शे के अनुसार ही दिखाया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी तरह का “गलत” या “भ्रामक” चित्रण अस्वीकार्य होगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की संप्रभु भूमि, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं, को भारत के आधिकारिक मानचित्र के अनुरूप दर्शाया जाना चाहिए।
भारत की यह टिप्पणी संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव के समर्थन में मतदान के दो दिन बाद आई। इस प्रस्ताव का उद्देश्य विश्व मानचित्र में महाद्वीपीय भूभागों के अधिक सटीक प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देना है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रस्ताव किसी विशेष मानचित्र, प्रोजेक्शन या राष्ट्रीय सीमाओं के चित्रण का समर्थन नहीं करता।
भारत ने जोर देकर कहा कि उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मामलों में कोई अस्पष्टता स्वीकार नहीं की जा सकती।
विदेश मंत्रालय का बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मानचित्रों और सीमाओं के चित्रण को लेकर संवेदनशीलता लगातार बनी हुई है।
नई दिल्ली का कहना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं और इन्हें किसी भी अंतरराष्ट्रीय या बहुपक्षीय दस्तावेज में भारत के आधिकारिक नक्शे के अनुसार ही दिखाया जाना चाहिए।


















