बांग्लादेश ने अपने पासपोर्ट पर “इजराइल को छोड़कर” वाली पंक्ति फिर से बहाल करने का आदेश दिया है। यह फैसला 2020 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के दौरान किए गए बदलाव को पलटता है।
गृह मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी आदेश में कहा गया कि बांग्लादेशी ई-पासपोर्ट पर फिर से यह वाक्य लिखा जाएगा: “यह पासपोर्ट इजराइल को छोड़कर दुनिया के सभी देशों के लिए मान्य है।”
बांग्लादेश इजराइल को मान्यता नहीं देता और दोनों देशों के बीच कभी राजनयिक संबंध नहीं रहे हैं।
मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला बांग्लादेश की विदेश नीति, जनमत और फिलिस्तीनी मुद्दे के प्रति देश के लंबे समय से चले आ रहे समर्थन के अनुरूप लिया गया है।
आदेश में इमिग्रेशन अधिकारियों को ई-पासपोर्ट में जुलाई-अगस्त 2024 के मानसून विद्रोह के दौरान मारे गए प्रमुख लोगों के सम्मान में वॉटरमार्क जोड़ने का निर्देश भी दिया गया है।
सरकार के अनुसार, इसी जनआंदोलन ने हजारों लोगों को शेख हसीना के 15 साल लंबे शासन के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित किया था।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, उस विद्रोह में करीब 1,400 लोग मारे गए थे और हजारों घायल हुए थे। शेख हसीना 5 अगस्त से भारत में निर्वासन में रह रही हैं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि ई-पासपोर्ट बुकलेट की तस्वीरों और वॉटरमार्क में बदलाव किए गए हैं। इसमें बांग्लादेश के संस्थापक नेता शेख मुजीबुर रहमान से जुड़ी कुछ छवियों को हटाया गया है।


















