अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद मध्य पूर्व में अब तक 16 भारतीय नागरिक मारे गए या लापता बताए जा रहे हैं। भारतीय सरकारी सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के अनुसार, इनमें 13 भारतीयों की मौत हुई है, जबकि तीन भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं।
मारे गए 13 भारतीयों में एक भारतीय नाविक भी शामिल है, जिसकी मंगलवार को मौत हुई। रिपोर्ट के अनुसार, ओमानी जलक्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य की दक्षिणी शिपिंग लेन से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात के दो तेल टैंकरों पर ईरानी हमले में वह मारा गया।
इस घटना के बाद नई दिल्ली ने ईरान के उप राजदूत को तलब कर भारतीय नागरिक की मौत पर विरोध दर्ज कराया।
रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ करीब 900 समन्वित हवाई हमले किए थे। इन हमलों में सरकारी इमारतों, सैन्य ठिकानों, मिसाइल ढांचे और वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया।
ईरान में इस युद्ध के दौरान 3,300 से अधिक लोगों के मारे जाने और हजारों लोगों के विस्थापित होने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 12 अमेरिकी सैन्यकर्मी भी मारे गए और कई घायल हुए।
संघर्ष का असर कई एशियाई देशों के नागरिकों पर भी पड़ा है। अनादोलु की गणना के अनुसार, भारतीय नागरिकों के अलावा एशियाई देशों के कम से कम 18 नागरिक मारे गए या लापता हैं।
इनमें चार बांग्लादेशी, चार पाकिस्तानी और चीन, नेपाल तथा फिलीपींस के एक-एक नागरिक शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा इंडोनेशिया और थाईलैंड के तीन-तीन नागरिक मध्य पूर्व के जलक्षेत्रों में लापता बताए जा रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी जैसे समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में बढ़ते सैन्य तनाव से न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा, बल्कि समुद्री व्यापार और विदेशी कामगारों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा हो गई है।



















