भारत के प्रधानमंत्री ने ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत में 'गहरी चिंता' व्यक्त की।

नरेंद्र मोदी ने मसूद पेज़ेश्कियन से कहा, 'वस्तुओं और ऊर्जा के निर्बाध परिवहन की आवश्यकता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बनी हुई है।'

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लाइबेरिया के झंडे वाला टैंकर शेनलॉन्ग स्वेजमैक्स, जो होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करते हुए मुंबई बंदरगाह पर पहुंचा, देखा गया। / AP

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से फोन पर बातचीत के दौरान मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की।

मोदी ने अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी X पर लिखा कि उन्होंने क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा की।

मोदी ने लिखा, "तनाव बढ़ने, नागरिकों की जान जाने और नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की।"

उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा, साथ ही माल और ऊर्जा के निर्बाध आवागमन की आवश्यकता, भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

उन्होंने आगे कहा, "भारत ने शांति और स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और संवाद एवं कूटनीति का आग्रह किया।"

28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के बाद से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है, जिसमें पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित 1,300 से अधिक लोग मारे गए हैं।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़राइल और खाड़ी देशों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।