अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि इज़राइल अमेरिका में "जनमत की लड़ाई हार रहा है"; उन्होंने वही बात दोहराई जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी सार्वजनिक रूप से कह चुके थे।
वेंस ने चेतावनी दी कि हालांकि विदेशी सरकारें अक्सर अमेरिकी नीति को प्रभावित करने की कोशिश करती हैं, लेकिन चिंता तब होती है जब अमेरिकी नेता बाहरी प्रभाव को "अपने फ़ैसले पर असर डालने" देते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ईरान के साथ उनकी बातचीत को पटरी से उतारने के लिए एक विदेशी प्रभाव अभियान को फ़ंडिंग दी गई थी।
वेंस ने "द जो रोगन एक्सपीरियंस" पॉडकास्ट पर सोमवार को टाइम मैगज़ीन में छपी एक रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए कहा, "असल में एक विदेशी प्रभाव वाला कैंपेन चलाया जा रहा है, जिसे उस डील को नाकाम करने के लिए फंड किया जा रहा है जिस पर मैं काम कर रहा था।"
उन्होंने कहा, "जिन लोगों को वह पैसा मिल रहा था, उनमें से कई लोग असल में पूरी तरह बेईमानी भरे तरीकों से मुझ पर हमला कर रहे थे। आप जानते हैं, मेरा जवाब यही है: 'भाड़ में जाओ'। 'मैं वही करूंगा जो मुझे अमेरिकी लोगों के लिए करना है'।"
"मैं सबसे पहले अमेरिकियों का प्रतिनिधित्व करता हूं, और मैंने इसी तरह से यह काम करने की कोशिश की है।"
वेंस ने 'टाइम मैगज़ीन' के एक लेख का हवाला देते हुए कहा कि ट्रंप के कैंपेन से जुड़े एक पूर्व व्यक्ति ने ईरान के साथ बातचीत करने की कोशिश करने के कारण उन पर हमले किए थे। उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति को "इज़राइली सरकार के कुछ लोगों" से पैसे मिले थे।
उन्होंने कहा, "वे मुझ पर लगातार हमले कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हमें ईरान के साथ बातचीत नहीं करनी चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें "पूरी तरह यकीन" है कि इज़राइली सरकार के लोगों ने अमेरिकी नीति को बदलने की कोशिश की है क्योंकि वे सैन्य अभियान जारी रखना चाहते हैं।
एपस्टीन का कनेक्शन
जब एपस्टीन के इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद से जुड़े होने की थ्योरी के बारे में पूछा गया, तो वेंस ने जवाब दिया, "हां, मोसाद या CIA या कोई और 'डीप स्टेट' - चाहे वह अमेरिका में हो, इज़राइल में हो या किसी और देश में।"
उन्होंने कहा, "साफ़ तौर पर उनके अमेरिकी खुफिया विभाग के ऊंचे और सबसे ऊंचे स्तरों से संबंध थे। साफ़ तौर पर उनके इज़राइली खुफिया विभाग के सबसे ऊंचे स्तरों से भी संबंध थे।"
वेंस ने आगे कहा कि एपस्टीन "राइट-ऑफ़-सेंटर (दक्षिणपंथी) राजनीति के बजाय इज़राइली 'डीप स्टेट' के उन हिस्सों से जुड़े हुए लग रहे थे जो 'लेफ़्ट-ऑफ़-सेंटर' (वामपंथी झुकाव वाले) थे।"
एप्स्टीन मामले को संभालने के प्रशासन के तरीके के बारे में वेंस ने कहा, "अगर लोग यह कहना चाहते हैं कि हमने एप्स्टीन मामले को ठीक से नहीं संभाला, तो हम दोषी हैं। हमने इसे ठीक से नहीं संभाला, खासकर इससे जुड़ी बातचीत के मामले में।"
उन्होंने बताया कि अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में जनवरी में 'एप्स्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट' के तहत 30 लाख से ज़्यादा पन्ने जारी किए।
एप्स्टीन 2019 में न्यूयॉर्क शहर की अपनी जेल कोठरी में मृत पाए गए थे, जब वे सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों पर मुकदमे का इंतज़ार कर रहे थे।
















