मध्य पूर्व संकट के बीच भारत सरकार ने पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर सीमा शुल्क में छूट घोषित की
इस छूट के तहत 40 से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पादों और पॉलिमर को शामिल किया गया है, जिन पर अब शून्य सीमा शुल्क लागू होगा।
भारत सरकार ने कई अहम पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर पूर्ण सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) छूट देने की घोषणा की है। यह राहत 2 अप्रैल से 30 जून 2026 तक लागू रहेगी।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय कस्टम्स एक्ट 1962 के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य जरूरी औद्योगिक कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, लागत दबाव को कम करना और घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को स्थिर बनाए रखना है।
इस छूट के तहत 40 से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पादों और पॉलिमर को शामिल किया गया है, जिन पर अब शून्य सीमा शुल्क लागू होगा।
इनमें टोल्यून, स्टाइरीन, मेथनॉल, वीसीएम, फिनोल, एसिटिक एसिड, पीटीए, एमईजी जैसे फीडस्टॉक और केमिकल शामिल हैं।
इसके अलावा पॉलीएथिलीन (PE), पॉलीप्रोपिलीन (PP), पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC), पॉलीस्टाइरीन (PS) जैसे पॉलिमर और एबीएस, एसएएन, पॉलीकार्बोनेट, पीओएम जैसे इंजीनियरिंग प्लास्टिक्स को भी राहत दी गई है।
साथ ही, फाइनेंस एक्ट 2021 के तहत लगने वाले एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस से भी छूट दी गई है।
सरकार के इस फैसले से प्लास्टिक और पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को राहत मिलने की उम्मीद है।
इन उद्योगों में कच्चे माल की लागत कम होने से तैयार उत्पादों की कीमतों पर भी दबाव कम पड़ सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को अप्रत्यक्ष फायदा मिल सकता है।