मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में हुई ताजा हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।
मृतकों में छह नागा समुदाय से, दो कुकी समुदाय से और एक नेपाली व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं।
हिंसा कामजोंग और कांगपोकपी जिलों से रिपोर्ट की गई। इस दौरान घरों और दुकानों में आग लगाए जाने की भी खबर है।
नागा और कुकी समुदायों के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव जारी है और हिंसा बढ़ती दिखाई दे रही है। 1992 में शुरू हुआ कुकी-नागा संघर्ष छह साल तक चला था और इसमें 1,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2023 में कुकी-मैतेई हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए थे।
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कामजोंग और कांगपोकपी जिलों में नागरिकों की हत्या और हिंसा की निंदा की है।
उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को स्थिति नियंत्रित करने, शांति और व्यवस्था बहाल करने तथा सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न समुदायों के जनप्रतिनिधियों और नागरिक समाज संगठनों से संयम बरतने और तनाव कम करने में सहयोग की अपील की।
उन्होंने सभी वर्गों से शांति, संवाद और सद्भाव को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य में शांति व सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयासों की जानकारी दी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने इंफाल, दीमापुर और गुवाहाटी बस सेवाओं की बहाली तथा राज्य की प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रकों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कुछ राज्य राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों में अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने का अनुरोध किया।




















