जमैका दौरे पर पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत और जमैका के रिश्तों को “निरंतरता और बदलाव” का अनूठा मिश्रण बताया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध एक साझा इतिहास में जड़ें रखते हैं, वर्तमान सहयोग से ऊर्जा पाते हैं और भविष्य में नई संभावनाओं की ओर अग्रसर हैं।
द जमैकन ग्लीनर में प्रकाशित अपने लेख में जयशंकर ने जोर दिया कि भारत और जमैका को मिलकर एक मजबूत और लचीली साझेदारी विकसित करनी चाहिए, जो दोनों देशों के लोगों के हित में हो और एक अधिक न्यायपूर्ण विश्व के निर्माण में योगदान दे।
जयशंकर ने कहा कि भारत-जमैका संबंधों की शुरुआत 19वीं सदी में हुई, जब भारतीय मजदूर यहां आए। 1845 में ‘ब्लंडेल हंटर’ जहाज से ओल्ड हार्बर बे पहुंचने वाले पहले भारतीयों ने इस रिश्ते की नींव रखी।
आज जमैका में करीब 70,000 भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच “जीवंत सेतु” का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रवासी समुदाय न केवल सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखे हुए है, बल्कि जमैका के सामाजिक और आर्थिक जीवन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
विदेश मंत्री ने ओल्ड हार्बर का दौरा भी किया, जहां उन्होंने भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात की और उनकी परंपराओं व संस्कृति के संरक्षण की सराहना की।
जयशंकर ने बताया कि भारतीय संस्कृति का प्रभाव जमैका के जीवन में स्पष्ट रूप से दिखता है, चाहे वह करी और रोटी जैसे भोजन हों या दिवाली, फगवा और होसे जैसे त्योहारों का उत्सव।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश बहुलतावादी समाज, लोकतांत्रिक व्यवस्था और बाजार आधारित अर्थव्यवस्था के साझा मूल्यों से जुड़े हैं।
भारत में जमैका का जिक्र होते ही लोगों के मन में क्रिकेटर माइकल होल्डिंग और क्रिस गेल, संगीतकार बॉब मार्ले और जिमी क्लिफ, तथा धावक उसैन बोल्ट और एलेन थॉम्पसन-हेरा जैसे नाम आते हैं। ये सांस्कृतिक और खेल संबंध दोनों देशों के बीच गहरे जुड़ाव को दर्शाते हैं।
जयशंकर ने बताया कि हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है। भारत की दवा, परिधान, इंजीनियरिंग, ऑटो पार्ट्स और डिजिटल तकनीक में विशेषज्ञता जमैका की लॉजिस्टिक्स हब बनने की महत्वाकांक्षा को समर्थन दे सकती है।
जयशंकर ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय भारत ने हमेशा जमैका की मदद की है। पिछले वर्ष हैरिकेन मेलिसा के दौरान भारत ने तत्काल राहत सामग्री, चिकित्सा उपकरण और अन्य जरूरी सहायता भेजी थी।



















