भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर आज जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंच रहे हैं। गोर पिछले साल भारत-पाकिस्तान और जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी झड़पों के बाद कश्मीर का दौरा करने वाले पहले अमेरिकी राजनयिक होंगे।
सर्जियो गोर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दक्षिण और मध्य एशिया के विशेष दूत भी हैं। वे भारत प्रशासित कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात करेंगे। इस दौरे को क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक गतिविधियों के बीच हाल के वर्षों की अहम अमेरिकी कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
पिछले साल के भारत पाकिस्तान झड़पों के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार दावा किया था कि उन्होंने पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोककर लाखों लोगों की जान बचाई।
इससे पहले भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत केनेथ जस्टर जनवरी 2020 में सरकार द्वारा आयोजित बहु-देशीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में श्रीनगर गए थे। यह दौरा अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हटाए जाने के बाद हुआ था।
उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में दिल्ली में जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं बरसी पर जम्मू-कश्मीर की प्रमुख पार्टियों ने भी विरोध प्रदर्शन किया और 5 अगस्त को “काला दिवस” के रूप में मनाया।
गुरुवार को गोर के लद्दाख जाने की भी उम्मीद है। यह जून 2020 की गलवान घाटी झड़पों के बाद किसी अमेरिकी राजदूत का हिमालयी क्षेत्र का पहला दौरा होगा।



















