चीन और पाकिस्तान की सेनाओं ने बुधवार को चीन के उत्तर-पश्चिमी शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में अपना पहला संयुक्त थलसेना प्रशिक्षण अभ्यास शुरू किया।
चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, ‘काराकोरम 2026’ नामक इस सैन्य अभ्यास का उद्घाटन समारोह शिनजियांग के कोरला शहर स्थित एक प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया।
चीन की सेना के आधिकारिक मीडिया अकाउंट ‘चाइना मिलिट्री ब्यूगल’ ने बताया कि अभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेनाओं ने आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
पाकिस्तानी सैनिकों ने चीन के कुछ हथियारों और सैन्य उपकरणों का भी अवलोकन किया।
यह संयुक्त अभ्यास मुख्य रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी सैन्य अभियानों पर केंद्रित है।
अभ्यास के दौरान सैनिकों को मानव रहित हवाई वाहन यानी ड्रोन के संचालन, चलते हुए लक्ष्यों की पहचान और उन पर गोलीबारी तथा लंबी दूरी की स्नाइपिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अलावा अभ्यास में संयुक्त कमान संचालन और वास्तविक सैनिकों की भागीदारी वाले युद्धाभ्यास भी शामिल होंगे।
चीनी सैन्य मीडिया के अनुसार, इस प्रशिक्षण का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग को गहरा करना और संयुक्त अभियानों में उनकी आपसी तालमेल क्षमता को मजबूत करना है।



















