भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना 10 से 14 अगस्त 2026 तक कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में पांच दिवसीय द्विपक्षीय अभ्यास करेंगी। यह अभ्यास समुद्री क्षेत्र में विस्फोटक आयुध निष्क्रिय करने यानी EOD से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करने पर केंद्रित होगा।
भारतीय नौसेना के अनुसार, इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के विशेषज्ञ डाइविंग और आयुध निष्क्रिय करने वाली टीमों के बीच अंतर-संचालन क्षमता और पेशेवर सहयोग को बढ़ाना है।
यह विशेष द्विपक्षीय प्रशिक्षण अभ्यास का आठवां संस्करण होगा। इसमें भारतीय और अमेरिकी नौसेना के कर्मी विशेषज्ञ आदान-प्रदान, क्रॉस-ट्रेनिंग, उपकरण प्रदर्शन और परिस्थितियों पर आधारित व्यावहारिक अभ्यासों में हिस्सा लेंगे
अभ्यास के दौरान टीमें समुद्री सुरक्षा से जुड़े जटिल परिदृश्यों में विस्फोटक वस्तुओं की पहचान, आकलन और सुरक्षित निष्क्रियकरण से संबंधित प्रक्रियाओं का अभ्यास करेंगी।
भारतीय नौसेना ने कहा कि यह अभ्यास समुद्री क्षेत्र में जटिल चुनौतियों से निपटने की क्षमता को बढ़ाएगा और दोनों नौसेनाओं के बीच तकनीकी तथा परिचालन समझ को और मजबूत करेगा।
।





















