सूत्रों के मुताबिक रिलायंस ने खरीदा ईरानी कच्चा तेल, भारतीय ऊर्जा नीति में बदलाव के संकेत

अमेरिकी प्रशासन ने 30 दिन की अस्थायी छूट दी है, जिसके तहत 20 मार्च तक लोड किए गए ईरानी तेल को 19 अप्रैल तक उतारने की अनुमति है।

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FILE PHOTO: गांधीनगर में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो में एक स्टॉल पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का लोगो। / Reuters

भारत की प्रमुख कंपनी रिलायंस ने लगभग 50 लाख बैरल ईरानी कच्चे तेल की खरीद की है। यह सौदा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका ने अस्थायी रूप से ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी है।

रायटर्स के अनुसार, यह तेल राष्ट्रीय ईरानी तेल कंपनी से खरीदा गया है। कीमत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड से लगभग 7 डॉलर प्रति बैरल अधिक बताई जा रही है।

यह 2019 के बाद भारत द्वारा ईरानी तेल की पहली खरीद मानी जा रही है, जब अमेरिका द्वारा तेहरान पर दोबारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद नई दिल्ली ने आयात रोक दिया था।

हालिया सौदा इस बात का संकेत देता है कि बदलते वैश्विक हालात के बीच भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को विविध बनाने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिकी प्रशासन ने 30 दिन की अस्थायी छूट दी है, जिसके तहत 20 मार्च तक लोड किए गए ईरानी तेल को 19 अप्रैल तक उतारने की अनुमति है।

इससे पहले भारतीय रिफाइनर अमेरिकी छूट के बाद रूसी तेल की बड़ी मात्रा भी खरीद चुके हैं, जो वैश्विक आपूर्ति संकट को देखते हुए रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

मध्य पूर्व में तनाव और होरमुज़ में व्यवधान के बीच भारत जैसे बड़े आयातक देश वैकल्पिक स्रोतों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में एक बयान में कहा कि सरकार सभी उपलब्ध स्रोतों से गैस और कच्चे तेल की खरीद करने का प्रयास कर रही है।