गाजा में कथित युद्ध अपराधों के आरोपी एक इजराइली सेना रिजर्व सैनिक के भारत छोड़कर भाग जाने की खबर सामने आई है। ब्रसेल्स स्थित हिंद रजब फाउंडेशन ने उसके खिलाफ भारतीय अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई थी और उसकी गिरफ्तारी की मांग की थी।
मिडिल ईस्ट आई से जुड़े मामले के एक वकील के अनुसार, इजराइली सेना की 271वीं कॉम्बैट इंजीनियरिंग बटालियन का सदस्य ईतान गिलबोआ शिकायत दर्ज होने के कुछ दिनों बाद भारत से निकल गया। वकील ने सुरक्षा कारणों से अपना नाम उजागर नहीं किया।
हिंद रजब फाउंडेशन ने दो सप्ताह पहले भारतीय अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें गिलबोआ पर गाजा में मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था।
संगठन का दावा है कि गिलबोआ गाजा में रिहायशी इलाकों को ध्वस्त करने में शामिल था और उसने इन कार्रवाइयों की तस्वीरें तथा वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए थे।
फाउंडेशन के अनुसार, इन तस्वीरों और वीडियो में गिलबोआ खान यूनिस और रफाह में नागरिक घरों को गिराने का आदेश देते और उसका जश्न मनाते दिखाई देता है।
हिंद रजब फाउंडेशन ने कहा कि ये कार्रवाइयां चौथे जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन हैं और भारत के जिनेवा कन्वेंशन अधिनियम, 1960 के तहत युद्ध अपराध की श्रेणी में आती हैं।
शिकायत दर्ज कराते समय फाउंडेशन के महानिदेशक दयाब अबू जहजह ने कहा था कि गिलबोआ कोई साधारण पर्यटक नहीं, बल्कि युद्ध अपराधों के आरोपों से बचता हुआ व्यक्ति है, जो भारत में छुट्टी मना रहा है।
उन्होंने कहा था कि भारत को अपनी जमीन ऐसे लोगों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देना चाहिए, जो नागरिकों के जीवन और घरों के विनाश का जश्न मनाते हैं।





















