बाकू और नई दिल्ली ने लंबे समय बाद द्विपक्षीय बातचीत की
हाल के दिनों में ईरान के ऊपर हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण भारतीयों को आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला गया।
भारत और अज़रबैजान फिर से रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को बाकू में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की अहम बैठक हुई, जिसने द्विपक्षीय संवाद को नई गति दी।
यह संवाद ऐसे समय में हुआ है जब अज़रबैजान ने हाल के महीनों में भारत के साथ सहयोग बढ़ाया है। विशेष रूप से, ईरान से भारतीय नागरिकों की निकासी में अज़रबैजान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ईरान के ऊपर हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण भारतीयों को आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला गया।
अब तक 1,267 भारतीय नागरिक, जिनमें 860 छात्र शामिल हैं, ईरान से बाहर निकल चुके हैं। इस पूरी प्रक्रिया में अज़रबैजान में भारत के नए राजदूत अभय कुमार की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने मार्च से ही समन्वय शुरू कर दिया था।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने अज़रबैजान के विदेश मंत्री जयहुन बायरामोव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
इसी दिन भारत-अज़रबैजान विदेश कार्यालय परामर्श (FOC) का छठा दौर भी आयोजित किया गया, जिसकी सह-अध्यक्षता अज़रबैजान के उप-विदेश मंत्री एलनूर मम्मादोव ने की। बैठक में व्यापार, तकनीक, पर्यटन, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा, सांस्कृतिक सहयोग और आतंकवाद विरोध जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
सिबी जॉर्ज ने अज़रबैजान के राष्ट्रपति के विदेश नीति सलाहकार हिकमत हाजीयेव से भी मुलाकात की। दोनों देशों ने अगली बैठक नई दिल्ली में आयोजित करने पर सहमति जताई।