तुर्किए, अल्जीरिया, इंडोनेशिया, जॉर्डन, लेबनान, मलेशिया, मॉरिटानिया, पाकिस्तान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब और सोमालिया के विदेश मंत्रियों ने सीरिया के उत्तर-पश्चिम में अबू अल-दुहूर सैन्य एयरबेस को निशाना बनाकर किए गए इजराइली हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है।
21 अगस्त 2026 को जारी संयुक्त बयान में विदेश मंत्रियों ने कहा कि ये हमले “गंभीर उकसावे” और सीरियाई अरब गणराज्य की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक एकता का स्पष्ट उल्लंघन हैं।
बयान में सीरिया की भूमि और बुनियादी ढांचे को लगातार निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। विदेश मंत्रियों ने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां सीरिया में सुरक्षा बहाल करने, राष्ट्रीय संस्थानों के पुनर्निर्माण और वर्षों के लंबे संघर्ष के मानवीय परिणामों से निपटने के प्रयासों को सीधे कमजोर कर सकती हैं।
मंत्रियों ने कहा कि सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का इजराइल द्वारा लगातार उल्लंघन क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है, शांति और स्थिरता को कमजोर कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के प्रति सम्मान को नुकसान पहुंचा सकता है।
संयुक्त बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की गई कि वह सीरिया के खिलाफ जारी आक्रामक कार्रवाइयों पर स्पष्ट, दृढ़ और सिद्धांत आधारित रुख अपनाए।
विदेश मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप ठोस कदम उठाने की मांग की, ताकि इन उल्लंघनों को समाप्त किया जा सके, 1974 के डिसएंगेजमेंट एग्रीमेंट का पूरा सम्मान सुनिश्चित हो और इजराइली बल उन क्षेत्रों से हटें जिन पर उन्होंने कब्जा किया है।
बयान में कहा गया कि आगे की सैन्य वृद्धि को रोकना और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता की रक्षा करना जरूरी है।





















