हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में 16 भारतीय जहाज फंसे हुए है: सरकार

पिछले दो दिनों में दो भारतीय एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन आशा’ और ‘ग्रीन सनवी’ सफलतापूर्वक खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकल चुके हैं और वे भारत के लिए ईंधन लेकर रवाना हुए हैं

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मस्कट में होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात ठप्प होने के कारण कैलिस्टो टैंकर सुल्तान काबूस बंदरगाह पर लंगर डाले खड़ा है। / Reuters

भारत हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में फंसे अपने 16 भारतीय-ध्वज वाले जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है। इन जहाजों पर कुल 433 भारतीय नाविक सवार हैं।

एक सरकारी अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा की पिछले दो दिनों में दो भारतीय एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन आशा’ और ‘ग्रीन सनवी’ सफलतापूर्वक खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकल चुके हैं और वे भारत के लिए ईंधन लेकर रवाना हुए हैं।

भारत धीरे-धीरे हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से फंसे एलपीजी कार्गो को निकाल रहा है। ‘शिवालिक’, ‘नंदा देवी’, ‘पाइन गैस’, ‘जग वसंत’, ‘बीडब्ल्यू एल्म’ और ‘बीडब्ल्यू टायर’ जैसे कई जहाज पहले ही भारत पहुंच चुके हैं।

इस बीच, ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को गुजरने देने के लिए पैसे लेने की खबरों को सरकार ने खारिज किया है।

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने स्पष्ट किया कि इस तरह की कोई बातचीत ईरानी सरकार के साथ नहीं हुई है।

गौरतलब है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है और इस समय देश कई दशकों के सबसे बड़े गैस संकट का सामना कर रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने उद्योगों को गैस आपूर्ति में कटौती की है, ताकि घरेलू रसोई गैस की कमी न हो।