बांग्लादेश संसद ने शेख हसीना की पार्टी पर प्रतिबंध बरकरार रखा
गृह मंत्री सलाउद्दीन अहमद द्वारा पेश इस विधेयक को बिना किसी संशोधन के सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
बांग्लादेश की संसद ने बुधवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी पर लगे प्रतिबंध को जारी रखने के पक्ष में मतदान किया।
संसद में पारित इस फैसले के तहत आतंकवाद-रोधी अध्यादेश को कानून का रूप दे दिया गया है। यह नया कानून राजनीतिक दलों के खिलाफ आपराधिक गतिविधियों या आतंकवाद से जुड़े मामलों में कार्रवाई की अनुमति देता है।
गृह मंत्री सलाउद्दीन अहमद द्वारा पेश इस विधेयक को बिना किसी संशोधन के सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
नए कानून के तहत अवामी लीग की चुनाव आयोग में पंजीकरण को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही पार्टी की सभी राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है, जिसमें सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रकाशन, प्रेस बयान और सार्वजनिक सभाएं शामिल हैं।
पिछले वर्ष मई में अंतरिम सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर आतंकवाद-रोधी कानून में संशोधन किया था, जिसके तहत अवामी लीग और उसके नेताओं की राजनीतिक गतिविधियों को ढाका स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में मुकदमे के पूरा होने तक निलंबित कर दिया गया था।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था और वह भारत चली गई थीं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस आंदोलन में कम से कम 1,400 लोगों की मौत हुई और 20,000 से अधिक लोग घायल हुए।