पाकिस्तान नौसेना को मिली तुर्किए निर्मित युद्धपोत ‘PNS खैबर’

यह युद्धपोत 2018 में तुर्किए के साथ हुए समझौते के तहत हासिल किया गया है। इस समझौते के अंतर्गत चार MILGEM कॉर्वेट बनाए जा रहे हैं

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पाकिस्तान नौसेना ने तुर्किए निर्मित कॉर्वेट को अपने बेड़े में शामिल किया। / TRT Global

कराची में शनिवार को पाकिस्तान नौसेना ने अपनी ताकत बढ़ाते हुए तुर्किए निर्मित MILGEM श्रेणी के एक आधुनिक युद्धपोत को अपने बेड़े में शामिल किया। यह युद्धपोत PNS खैबर के नाम से जाना जाएगा।

आधिकारिक बयान के अनुसार, इस समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीन अशरफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह पाकिस्तान नौसेना के लिए MILGEM श्रेणी का दूसरा कॉर्वेट है।

समारोह को संबोधित करते हुए एडमिरल अशरफ ने कहा कि पाकिस्तान नौसेना अपने समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि PNS खैबर और आने वाली हंगोर श्रेणी पनडुब्बियां नौसेना के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगी, जिससे परिचालन क्षमता, लड़ाकू ताकत और रणनीतिक पहुंच में वृद्धि होगी।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार और ऊर्जा मार्गों पर पाकिस्तान की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए एक मजबूत नौसेना अत्यंत आवश्यक है, ताकि समुद्री संचार मार्ग सुरक्षित रह सकें।

वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस उपलब्धि का स्वागत करते हुए इसे देश की रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया।

यह युद्धपोत 2018 में तुर्किए के साथ हुए समझौते के तहत हासिल किया गया है। इस समझौते के अंतर्गत चार MILGEM कॉर्वेट बनाए जा रहे हैं दो तुर्किए में और दो कराची शिपयार्ड में, ताकि पाकिस्तान को डिजाइन, इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट प्रबंधन की तकनीकी विशेषज्ञता भी मिल सके।

करीब 99 मीटर लंबा और 2,400 टन क्षमता वाला यह युद्धपोत 29 नॉटिकल मील की रफ्तार से चल सकता है। यह एंटी-सबमरीन युद्ध के लिए सक्षम है और रडार से बचने की क्षमता भी रखता है।