भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने अमेरिका के हवाई स्थित सैन्य अड्डे पर वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठक कर भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।
अमेरिकी सेना के पैसिफिक कमांड के कमांडिंग जनरल जनरल रोनाल्ड पी क्लार्क के साथ हुई इस बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और साझा रणनीतिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
हवाई पहुंचने पर जनरल द्विवेदी को फोर्ट शाफ़्टर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान उन्होंने ओहू द्वीप का हवाई दौरा भी किया और वहां के प्रशिक्षण ढांचे तथा बहु-क्षेत्रीय (मल्टी-डोमेन) सैन्य तैयारियों का जायजा लिया।
भारतीय सेना के अतिरिक्त जनसंपर्क महानिदेशालय (ADGPI) के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा देना और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना है।
इससे पहले इसी महीने भारत और अमेरिका ने अपने वायुसेना प्रमुखों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
अमेरिकी वायुसेना प्रमुख ने 8 अप्रैल को भारतीय वायुसेना प्रमुख की मेजबानी की। इस दौरान वॉशिंगटन स्थित पेंटागोन में हुई बैठकों में इंटरऑपरेबिलिटी, प्रशिक्षण और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक संतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
अमेरिकी अधिकारियों ने भारत के साथ रक्षा साझेदारी को “मुक्त, खुला और स्थिर इंडो-पैसिफिक” सुनिश्चित करने के लिए अहम बताया।
बैठकों में भारत द्वारा MQ-9B सकी गार्डीअन ड्रोन की खरीद और उसके प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई। साथ ही रक्षा औद्योगिक सहयोग और आधुनिकीकरण के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।












