दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने के एक दिन बाद सोमवार को बचाव अभियान पूरा कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, राहत एजेंसियों ने मलबे से कम से कम 12 लोगों को बाहर निकाला।
दिल्ली पुलिस ने बयान में कहा, “एजेंसियों द्वारा बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है।”
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी NDRF ने बताया कि उसने घटनास्थल से 12 लोगों को निकाला, जिनमें से छह मृत पाए गए। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी AIIMS ने बताया कि एक घायल व्यक्ति को बाद में अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
इस हादसे में कुल सात लोगों की मौत हुई है, जबकि तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
राहत और बचाव कार्य में आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ दमकल विभाग और पुलिस की टीमें भी शामिल रहीं। मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए भारी मशीनरी और स्निफर डॉग्स का इस्तेमाल किया गया।
सत्य निकेतन इलाका बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय छात्रों के रहने वाले घनी आबादी वाले आवासों के लिए जाना जाता है। बताया जाता है कि वहां कई इमारतों में छात्र किराए या पेइंग गेस्ट व्यवस्था के तहत रहते हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इमारत के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है और कई नगर निगम अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
उन्होंने एक्स पर लिखा, “दिल्ली सरकार ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है।” उन्होंने कहा कि दोषी या जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे को “दुखद” बताया था और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी।


















