दुनिया
2 मिनट पढ़ने के लिए
केन्या के राष्ट्रपति ने टाटा केमिकल्स को देश छोड़ने का आदेश दिया, निवेश न करने का आरोप
रुटो ने स्वाहिली में दिए बयान में कहा, “टाटा केमिकल्स मगाडी के पास 100 साल से अनुबंध है और उन्होंने कुछ नहीं किया। मैंने उन्हें दूसरे दिन कहा कि सामान बांधो और चले जाओ।”
केन्या के राष्ट्रपति ने टाटा केमिकल्स को देश छोड़ने का आदेश दिया, निवेश न करने का आरोप
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो / Reuters

केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भारत की टाटा केमिकल्स को देश छोड़ने का आदेश दिया है। यह कदम केन्या के सबसे बड़े खनिज निर्यातकों में से एक और अफ्रीका के सबसे बड़े सोडा ऐश उत्पादक से जुड़े विवाद को और बढ़ा सकता है।

काजियाडो काउंटी में बोलते हुए रुटो ने टाटा केमिकल्स मगाडी पर आरोप लगाया कि कंपनी ने लेक मगाडी क्षेत्र में एक सदी से अधिक समय तक संचालन करने के बावजूद वहां पर्याप्त निवेश नहीं किया।

रुटो ने स्वाहिली में दिए बयान में कहा, “टाटा केमिकल्स मगाडी के पास 100 साल से अनुबंध है और उन्होंने कुछ नहीं किया। मैंने उन्हें दूसरे दिन कहा कि सामान बांधो और चले जाओ।”

राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार ने संचालन संभालने के लिए नए निवेशकों की पहचान कर ली है। उन्होंने कहा कि केन्या को अपने खनिज संसाधनों से अधिक आर्थिक लाभ मिलना चाहिए।

रुटो ने कहा, “हमने कहा है कि हम नई कंपनियां ला रहे हैं। मैंने उन्हें पहले ही भेज दिया है।”

उनके अनुसार, दो नई कंपनियों को लाया जाएगा और सरकार अधिक निवेश, स्थानीय प्रसंस्करण तथा केन्याई नागरिकों के लिए रोजगार बढ़ाने पर जोर देगी।

टाटा केमिकल्स मगाडी भारत के टाटा ग्रुप का हिस्सा है। कंपनी लेक मगाडी में काम करती है, जो केन्या की राजधानी नैरोबी से करीब 120 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। कंपनी हर साल 3,50,000 टन से अधिक सोडा ऐश का उत्पादन करती है और भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व तथा अफ्रीका के अन्य बाजारों में निर्यात करती है।

राष्ट्रपति की यह घोषणा 28 जुलाई को केन्याई सरकार द्वारा टाटा केमिकल्स मगाडी के खनन संचालन को निलंबित किए जाने के बाद आई है। सरकार ने कथित तौर पर केन्या के खनन कानूनों का पालन न करने का हवाला दिया था।

खनन कैबिनेट सचिव हसन जोहो ने उस समय कहा था कि जब तक कंपनी अपनी वैधानिक जिम्मेदारियां पूरी नहीं करती, संचालन निलंबित रहेगा।

टाटा केमिकल्स ने पिछले महीने कहा था कि उसने केन्याई अधिकारियों द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज जमा कर दिए हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि उसने नियामकीय आवश्यकताओं का पालन साबित किया है।

कंपनी के अनुसार, निलंबन से करीब 500 कर्मचारियों के साथ-साथ ठेकेदारों, आपूर्तिकर्ताओं और आसपास के समुदायों पर असर पड़ रहा है।

स्रोत:َAA
खोजें
खुफिया इंटेलीजेन्स लीक करने के मामले में असम पुलिस STF ने एक और गिरफ़्तारी करी
कश्मीर में 150 कथित अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को डिपोर्टे किया जाएगा
तेलंगाना में मुस्लिम बाउंसर्स और इवेंट वर्कर्स के बहिष्कार का आरोप
उत्तराखंड में भारत-यूएई का संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू
मतदाता सूची संशोधन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा
तुर्किए, पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सहायता के लिए मक्का समझौते के सामूहिक डीटरेंस को सक्रिय किया।
मोदी और स्विस राष्ट्रपति की मुलाकात, वैश्विक शांति और स्थिरता पर साथ काम करने की बात
जयशंकर ने अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांडर पापारो से समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की
लड़ाकू विमानों की देरी से IAF की क्षमता पर असर, हर साल 36-40 जेट की जरूरत: एयर चीफ
रूस इस साल 70 हजार भारतीय मज़दूर लेने को तैयार: सरकार
रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में बड़ी भूमिका चाहता है भारत: जयशंकर
सीमा पर दो पाकिस्तानी नागरिकों की मौत, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारती राजदूत तलब किया
SIR प्रक्रिया से मतदाता सूची की पारदर्शिता और मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाए जाने को लेकर आरोप
मक्का डिफेंस एग्रीमेंट में 6 से अधिक देशों की दिलचस्पी: इशाक डार
राहुल गांधी का आरोप ऑनलाइन फोरम-6 में ‘अवैध’ बदलाव किया गया