इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान उच्चायोग ने मंगलवार को जानकारी दी कि बैसाखी उत्सव में भाग लेने के लिए भारत के 2,800 सिख श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया गया है।
बैसाखी, जिसे वैशाखी भी कहा जाता है, वैशाख महीने के पहले दिन मनाया जाने वाला प्रमुख सिख पर्व है और यह फसल कटाई के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है।
इस वर्ष उत्सव 10 से 19 अप्रैल तक आयोजित होगा, जिसमें दुनिया भर से 26,000 से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। भारत से आने वाले श्रद्धालु 10 अप्रैल को वाघा सीमा के रास्ते लाहौर पहुंचेंगे।
मुख्य समारोह 14 अप्रैल को पंजाब प्रांत के हसन अब्दाल स्थित गुरुद्वारा पंजा साहिब में आयोजित किया जाएगा, जो सिख समुदाय के सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है।
पाकिस्तान में सिख धर्म से जुड़े कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल मौजूद हैं। इनमें नारोवाल जिले में स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब भी शामिल है, जहां सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए थे।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों देशों के बीच सीमा और समुद्री विवाद लंबे समय से जारी हैं और पिछले वर्ष मई में दोनों देशों के बीच चार दिन तक संघर्ष भी हुआ था।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने 2019 में भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा हटाए जाने के बाद राजनयिक संबंधों को कम कर दिया था और द्विपक्षीय व्यापार भी निलंबित कर दिया था।













