विश्व हिंदू परिषद यानी VHP ने महाराष्ट्र में अगले महीने होने वाले नवरात्रि समारोहों से पहले कहा है कि राज्यभर में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों को हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
VHP ने कार्यक्रम आयोजकों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इनमें प्रतिभागियों की “हिंदू पहचान” की जांच से जुड़े उपाय शामिल बताए जा रहे हैं।
संगठन का कहना है कि गरबा और डांडिया नवरात्रि से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हैं, इसलिए इनमें केवल हिंदू समुदाय के लोगों को ही शामिल किया जाना चाहिए।
इस कदम के बाद महाराष्ट्र में सार्वजनिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भागीदारी, धार्मिक पहचान और नागरिक अधिकारों को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।
आलोचकों का कहना है कि किसी धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन में प्रवेश को धर्म के आधार पर सीमित करना भेदभावपूर्ण हो सकता है और इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।
फिलहाल राज्य सरकार, पुलिस या स्थानीय प्रशासन की ओर से इन दिशा-निर्देशों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।














