भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने रविवार को सऊदी अरब की आधिकारिक यात्रा के दौरान शीर्ष नेतृत्व के साथ कई उच्चस्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, ऊर्जा सहयोग बढ़ाने और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की गई।
यह दौरा बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, वार्ता में द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी हितों के मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
डोभाल ने सऊदी नेतृत्व के प्रमुख सदस्यों से मुलाकात की, जिनमें ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान, विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मूसेड अल आबेन शामिल हैं।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि डोभाल का स्वागत सऊदी अरब में भारत के राजदूत डॉ. सुहेल खान और राजनीतिक मामलों के उप मंत्री डॉ. सऊद अल-साती ने किया। बैठकों के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
इससे पहले 17 अप्रैल को डोभाल ने यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव के साथ भी विस्तृत बातचीत की थी। इस बैठक में भारत और यूक्रेन के बीच रणनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने और पूर्वी यूरोप में जारी संघर्ष पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल के अनुसार, यूक्रेन के साथ वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भी चर्चा की गई, जहां भारत ने संवाद और कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण समाधान की अपनी नीति दोहराई।











