5 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री में तेजी, सरकार ने संयम बरतने का आग्रह किया
मंत्रालय ने बताया कि केवल 4 अप्रैल 2026 को ही 90,000 से अधिक छोटे सिलेंडरों की बिक्री दर्ज की गई।
देश में रसोई गैस की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री तेज कर दी है। तेल मंत्रालय के अनुसार, 23 मार्च 2026 से अब तक करीब 6.6 लाख 5 किलोग्राम सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
मंत्रालय ने बताया कि केवल 4 अप्रैल 2026 को ही 90,000 से अधिक छोटे सिलेंडरों की बिक्री दर्ज की गई। ये सिलेंडर एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर वैध पहचान पत्र दिखाकर आसानी से खरीदे जा सकते हैं और इसके लिए पते के प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती।
14.2 किलोग्राम के सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों के विपरीत, 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बाजार दर पर उपलब्ध हैं, जिससे इन्हें तुरंत खरीदना और उपयोग करना आसान हो जाता है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। एक दिन में 51 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी की गई, जबकि कुल मांग का 95 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पूरा हुआ।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मार्च से अब तक 50,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं, 1,400 से ज्यादा नोटिस जारी किए गए हैं और 36 डीलरशिप निलंबित की गई हैं।
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों के लिए एलपीजी और पाइप्ड नेचुरल गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही रिफाइनरियों का उत्पादन बढ़ाया गया है और एलपीजी रिफिल के अंतराल को बढ़ाकर मांग को संतुलित करने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक सीमित रखा गया है, ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके। छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाकर मांग के दबाव को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्राकृतिक गैस के मोर्चे पर भी सरकार ने कहा है कि घरेलू और परिवहन क्षेत्रों के लिए पूरी आपूर्ति बनाए रखी गई है, जबकि उर्वरक संयंत्रों को गैस आपूर्ति 6 अप्रैल से औसत खपत के करीब 90 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी।
तेल मंत्रालय ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।