भारत ने पाकिस्तान और चीन द्वारा बनाए गए तथाकथित सीमा संयुक्त आयोग को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस आयोग का कोई कानूनी आधार नहीं है और वह भारत के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र से जुड़े किसी भी प्रबंध पर फैसला नहीं कर सकता।
भारत की प्रतिक्रिया इस्लामाबाद में पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग की पहली बैठक के बाद आई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान और चीन के बीच कोई वैध सीमा मौजूद नहीं है। मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं और हमेशा रहेंगे।
भारत ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को लेकर किसी तीसरे देश के साथ बनाई गई व्यवस्था नई दिल्ली को स्वीकार नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, ऐसी कोई भी संस्था या प्रक्रिया भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मुद्दों पर वैधता नहीं रखती।
यह बयान भारत, पाकिस्तान और चीन के बीच सीमा दावों, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और लद्दाख से जुड़े संवेदनशील मुद्दों के बीच आया है।

















