प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। बातचीत में भारत-अमेरिका व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की गई।
मोदी ने अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उनकी ट्रंप के साथ “पर्डक्टिव कान्वर्सैशन” हुई।
उन्होंने कहा, “हमने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, क्रिटिकल टेक और अन्य क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की।”
मोदी के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका काम्प्रीहेन्सिव ग्लोबल पार्ट्नर्शिप को आगे बढ़ाने के लिए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।
यह फोन कॉल ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिन पहले अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंध 2026 लागू किया है।
इस कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति उन देशों से आयातित वस्तुओं पर 100% तक टारगेटड टेरिफ़स् लगा सकते हैं, जो रूसी तेल या गैस की बड़ी मात्रा खरीदते हैं या रूस पर लगे प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं।
नई दिल्ली ने इस कानून को लेकर वॉशिंगटन के सामने अपनी चिंताएं उठाई हैं।
मोदी ने यह भी कहा कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिनमें वैश्विक शांति और सुरक्षा को आगे बढ़ाने के प्रयास भी शामिल हैं।
बातचीत ऐसे समय हुई जब भारत के व्यापार मंत्री अमेरिकी अधिकारियों के साथ वार्ता के लिए अमेरिका दौरे पर हैं।
फरवरी में अमेरिका और भारत ने घोषणा की थी कि वे द्विपक्षीय व्यापार विवाद को हल करने के उद्देश्य से एक इनरम फ्रैम्वर्क डील की शर्तों पर सहमत हुए हैं।
पिछले साल ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50% टेरिफ़स् लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। इन टेरिफ़स् का एक कारण रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद जारी रखना भी बताया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, 2025 में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 149.4 अरब डॉलर रहा।























